अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो इस पोस्ट में उपलब्ध करवाये गए सामान्य ज्ञान जीके के टॉप 25 ( 10 ) महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर आपको बहुत ज्यादा काम आने वाले हैं यह ऐसे प्रश्न है जो बहुत बार परीक्षा में पूछे जाते हैं इसलिए अगर आप UPSC , SSC , RAILWAY , DELHI POLICE , UP POLICE , LDC या अन्य किसी भी परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इन प्रश्नों के साथ भी एक बार जरूर प्रैक्टिस करें ताकि आप अपनी तैयारी की जांच कर सके आपको भारतीय सामान्य ज्ञान के ऐसे महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर कहीं भी नहीं देखने को मिलेंगे इनमें से अधिकतर प्रश्न पहले भी बहुत बात पेपर में पूछे जा चुके हैं
सामान्य ज्ञान जीके के टॉप 25 ( 10 ) महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर
Q.1 विश्व का सर्वाधिक जैव-विविधता वाला मरुस्थल कौन-सा है ?
- अटाकामा
- थार
- सहारा
- कालाहारी
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: थार
Solution:
थार का मरुस्थल – यह भारत व पाकिस्तान में फैला है। यह मरुस्थल अर्ग, रेग व हम्मादा तीनों प्रकार का है। यह विश्व का सर्वाधिक जैव-विविधता वाला एवं सबसे घना बसा हुआ मरुस्थल है।
Q.2 भूकम्प की प्राथमिक या ‘पी’ तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
- ये तरंगें कम विनाशकारी होती हैं।
- ये तरंगें ध्वनि की तरंगों के समान होती हैं।
- ये तरंगें लम्बवत् गमन करती हैं।
- ये तरंगें द्वितीयक या ‘एस’ तरंगों की तुलना में कम वेगवान होती हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 4
Solution:
ये ठोस, द्रव और गैसीय पदार्थों से होकर यात्रा कर सकती हैं। ये तरंगें ध्वनि की तरंगों के समान होती हैं। इनमें कणों की गति तरंग की रेखा के सीध में होती है। ये तरंगें कम विनाशकारी होती हैं।
ये तरंगें लम्बवत् गमन करती हैं।
ये तरंगें द्वितीयक या ‘एस’ तरंगों की तुलना में अधिक वेगवान होती हैं। S तरंगों की तुलना में इनकी गति 66% अधिक होती है।
Q.3 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
- विश्व का सबसे ऊँचा पठार तिब्बत का पठार है।
- पामीर के पठार को विश्व की छत कहा जाता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से सत्य कथन है/हैं? - केवल 1
- केवल 2
- 1 व 2 दोनों
- न तो 1 व न ही 2
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 3
Solution:
तिब्बत का पठार चीन में स्थित है। यह विश्व का सबसे ऊँचा पठार है। इसकी औसत ऊँचाई 5,000 मीटर है। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा पठार है।
पामीर का पठार चीन में स्थित है। अधिक ऊँचा होने के कारण इसे विश्व की छत कहा जाता है।
यह एशिया की विभिन्न पर्वतश्रेणियों का मिलन बिन्दु है इसलिए इसे ‘पामीर की ग्रंथि/गांठ’ भी कहा जाता है।
Q.4 भारतीय मानक समय एवं ग्रीनविच माध्य समय (GMT) के बीच कितने समय का अन्तर है?
- 4 घण्टा 30 मिनट
- 5 घण्टा
- 5 घण्टा 30 मिनट
- 6 घण्टा 30 मिनट
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 3
Solution:
विश्व में समय की एकरूपता को ध्यान में रखकर विश्व के सभी देशों ने समय के आकलन हेतु ग्रीनविच रेखा को सर्वसम्मति से मानक समय रेखा के रूप में स्वीकार किया है।
भारत का समय GMT से 5 घंटा 30 मिनट आगे रहता है।
Q.5 निम्नलिखित में से किसे ‘साँझ का तारा’ तथा ‘भोर का तारा’ भी कहते हैं?
- पृथ्वी
- बृहस्पति
- मंगल
- शुक्र
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 4
Solution:
- शुक्र ग्रह- यह पृथ्वी का सबसे निकतम ग्रह हैं जो सूर्य एवं चंद्रमा के बाद तीसरा सबसे चमकीला खगोलीय पिंड हैं।
- शाम को पश्चिम में एवं सुबह पूर्व में दिखाई देने के कारण इसे साँझ का तारा तथा भोर का तारा भी कहते हैं।
- इसे पृथ्वी की बहन भी कहा जाता हैं क्योंकि यह आकार, घनत्व एवं व्यास में पृथ्वी के लगभग बराबर हैं।
Q.6 निम्नलिखित में से किस दर्रे से ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करती है?
- शिपकी ला दर्रा
- यांग्याप दर्रा
- दिफू दर्रा
- लेखपानी दर्रा
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 2
Solution:
- ब्रह्मपुत्र नदी मानसरोवर झील (तिब्बत) के निकट कैलास श्रेणी के चेमायुंगडुंग हिमनद से निकलने के पश्चात् तिब्बत में सांग्पो नाम से पूर्व की ओर प्रवाहित होती है।
- तिब्बत में रांगो सांग्पो इसके दाहिने तट की प्रमुख नदी है।
- भारत में यह नदी यांग्याप दर्रे के द्वारा दक्षिण दिशा में मुड़कर भारत के अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है।
- जहाँ इसको सियांग अथवा दिहांग के नाम से जाना जाता है।
Q.7 निम्नलिखित में से रेह किसे कहा जाता है-
- मरुस्थलीय मृदा
- जैविक मृदा
- लवणीय मृदा
- कपास मृदा
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 3
Solution:
- लवणीय मृदा को रेह कहा जाता है। इसे ऊसर कल्लर, चॉपेन के नाम से जाना जाता है।
- इस मृदा को कृषि के दृष्टिकोण से अनुर्वर मृदा के अंतर्गत रखा जाता है, साथ ही इनमें वनस्पतियों का अभाव भी पाया जाता है।
- जैविक मृदा को पीट मृदा कहते हैं।
- कपास मृदा को काली मृदा/ रेगुर मृदा के नाम से जाना जाता है।
Q.8 मावठ की वर्षा कौन-सी फसल के लिए लाभकारी होती है?
- गेहूँ
- बाजरा
- ज्वार
- मूँगफली
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 1
Solution:
- शीत ऋतु में उत्तर-पश्चिमी चक्रवातों में होने वाली वर्षा को स्थानीय भाषा में ‘मावठ’ कहा जाता है।
- मावठ की वर्षा रबी की फसलों के लिए लाभकारी होती है।
- रबी की फसल – यह फसल सामान्यत: अक्टूबर के माह में बोई जाती है तथा अप्रैल के माह में काट ली जाती है। इसके अंतर्गत आने वाली प्रमुख फसलें – गेहूँ, जौ, चना, मटर, सरसों, राई आदि हैं।
Q.9 K2 गॉडविन ऑस्टिन किस पर्वत शृंखला की पर्वत चोटी है?
- हिमालय
- काराकोरम
- जास्कर
- पीरपंजाल
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 2
Solution:
ट्रांस हिमालय की सबसे ऊँची चोटी गॉडविन ऑस्टिन (K2) है जिसकी ऊँचाई 8,611 मीटर है। यह भारत की सबसे ऊँची एवं विश्व की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है। यह भारत के काराकोरम श्रेणी में स्थित है।
Q.10 निम्नलिखित में से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सम्मिलित नहीं है –
- राजस्थान
- हरियाणा
- उत्तर प्रदेश
- महाराष्ट्र
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 4
Solution:
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में राजस्थान, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया हैं।
- दिल्ली (NCR) में उत्तर प्रदेश के मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर तथा गाजियाबाद जिले शामिल हैं।
- हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झंझर, पानीपत, पलवल, भिवानी, महेंद्रगढ़, जिंद, करनाल आदि जिले शामिल हैं।
- राजस्थान के अलवर व भरतपुर दो जिले शामिल हैं।
Q.15 रॉलेट एक्ट क्या है?
- विचारण के बिना किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार
- सरकार की द्वि पद्धति का सूत्रपात
- वायसराय के एक्सक्यूटिव कौन्सिल का विस्तार
- बंगाल विभाजन का निराकरण
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: विचारण के बिना किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार
Solution:
यह एक ऐसा कानून था जिसके अनुसार किसी भी व्यक्ति को बिना अभियोग चलाये अनिश्चित समय तक जेल में डाला जा सकता था।
रॉलेट एक्ट कानून बिना किसी कारण बताएं किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है।
सन् 1919 में इसी के विरोध में लोग जलियाँवाला बाग में एकत्र हुए थे, जिसके उपरांत जनरल डायर ने गोली चलवा दी थी। 13 अप्रैल, 1919 को घटित इस घटना को जलियाँवाला बाग हत्याकांड कहा गया।
Q.16 1210 ई. में लाहौर में पोलो (चौगान) खेलते वक्त घोड़े से गिरकर किस शासक की मृत्यु हुई थी?
- फिरोज शाह तुगलक
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- बलबन
- इल्तुतमिश
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: कुतुबुद्दीन ऐबक
Solution:
1210 ई. में लाहौर में पोलो (चौगान) खेलते वक्त घोड़े से गिरकर कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु हुई थी, ऐबक को लाहौर में दफनाया गया था।
क़ुतुबुद्दीन ऐबक:- कुतुबुद्दीन ऐबक को गुलाम वंश का वास्तविक संस्थापक कहा जाता हैं।
दिल्ली सल्तनत का संस्थापक और ग़ुलाम वंश का पहला सुल्तान था।
यह ग़ौरी वंश का सुल्तान मुहम्मद ग़ौरी का एक ग़ुलाम था।
ग़ुलामों को सैनिक सेवा के लिए ख़रीदा जाता था। यह पहले ग़ौरी के सैन्य अभियानों का सहायक बना और फिर दिल्ली का सुल्तान।
इसने लाहौर को अपनी राजधानी बनाया और क़ुतुब मीनार की नींव डाली।
इसने केवल चार साल (1206 –1210) ही राज किया।
Q.17 भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची में दर्ज भाषाओं की कुल संख्या है-
- 19
- 20
- 22
- 24
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 22
Solution:
● भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची का संबंध संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं से है।
● मूल संविधान (26 जनवरी, 1950) में आठवीं अनुसूची में कुल दर्ज भाषाओं की संख्या 14 थी। जिनकी वर्तमान संख्या 22 हैं।
● 21वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1967 के तहत् 15वीं सिंधी भाषा को जोड़ा गया।
● 71वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत् 16वीं कोंकणी, 17वीं नेपाली व 18वीं मणिपुरी जोड़ी गई।
● 92वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003 के तहत् 19वीं बोड़ो, 20वीं डोगरी, 21वीं मैथिली व 22वीं संथाली जोड़ी गई।
● राजस्थानी व अंग्रेजी भाषा का उल्लेख संविधान की आठवीं अनुसूची में नहीं है।
Q.18 भारत के संविधान के भाग-V,अध्याय-I के अनुसार संघ की कार्यपालिका में निम्नलिखित में से कौन सम्मिलित नहीं है?
- राष्ट्रपति
- महान्यायवादी
- नियंत्रक और महालेखा परीक्षक
- मंत्रिपरिषद्
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: नियंत्रक और महालेखा परीक्षक
Solution:
● भारत के संविधान के भाग-V,अध्याय-I के अनुसार संघ की कार्यपालिका में निम्नलिखित सम्मिलित हैं-
- राष्ट्रपति (अनु. 52) (संवैधानिक व नाममात्र की कार्यपालिका)
- उपराष्ट्रपति (अनु. 63)
- मंत्रिपरिषद् एवं प्रधानमंत्री – (अनु. 75) (व्यावहारिक व वास्तविक कार्यपालिका)
- महान्यायवादी (अनु. 76)
● भाग-V मुख्य रूप से केन्द्र सरकार पर केन्द्रित है। यह आगे निम्नलिखित पाँच अध्यायों में विभक्त हैं– - अध्याय-1 : कार्यपालिका (अनुच्छेद-52 से 78)
- अध्याय-2 : संसद (अनुच्छेद-79 से 122)
- अध्याय-3 : राष्ट्रपति की विधायी शक्ति (अनुच्छेद-123)
- अध्याय-4 : संघीय न्यायपालिका (अनुच्छेद-124 से 147)
- अध्याय-5 : भारत का नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (अनुच्छेद-148 से 151)
● भाग-V में अनुच्छेद-52 से अनुच्छेद-151 शामिल हैं।
● भारत के संविधान के भाग-V, अध्याय-I के अनुसार संघ की कार्यपालिका में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक सम्मिलित नहीं है।
Q.19 निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण दिवसों को उनकी तिथि के अनुसार व्यवस्थित कीजिए–
- संविधान हत्या दिवस
- राष्ट्रीय मतदान दिवस
- गणतंत्र दिवस
- स्वतंत्रता दिवस
- 1, 2, 3, 4
- 2, 3, 1, 4
- 2, 3, 4, 1
- 2, 4, 1, 3
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 2, 3, 1, 4
Solution:
हमारे पास चार महत्त्वपूर्ण दिवस हैं जिन्हें तिथि के अनुसार क्रमबद्ध करना है-
- राष्ट्रीय मतदान दिवस(25 जनवरी)
- गणतंत्र दिवस (26 जनवरी)
- संविधान हत्या दिवस(25 जून)
- स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)
इन्हें तिथियों के अनुसार क्रमबद्ध करने पर सही क्रम होगा:
- राष्ट्रीय मतदान दिवस(25 जनवरी)
- गणतंत्र दिवस (26 जनवरी)
- संविधान हत्या दिवस (25 जून)
- स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)
Q.20 भारत के संविधान में किस संविधान संशोधन के द्वारा अनुच्छेद-352(1) में से “आन्तरिक अशांति” शब्द हटाया गया है ?
- 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा
- 93वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा
- 86वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा
- 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा
Solution:
● भारत के संविधान में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम,1978 के द्वारा अनुच्छेद-352(1) में से “आन्तरिक अशांति” शब्द हटाया गया है।
● 44वें संविधान संशोधन अधिनियम,1978 (लागू 20 जून, 1979) के तहत् निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं-
- “आंतरिक अशांति” के स्थान पर “सशस्त्र विद्रोह” का प्रावधान किया गया।
- राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा हेतु “मंत्रिमंडल के लिखित परामर्श” को आवश्यक किया गया।
- अनु. 358 में संशोधन कर यह प्रावधान किया गया कि यदि राष्ट्रीय आपातकाल सशस्त्र विद्रोह के आधार पर लगाया जाता है तो अनु. 19 निलंबित नहीं होगा।
- अनु. 359 में संशोधन कर यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनु. 20 व 21 को निलंबित नहीं किया जा सकता हैं।
- राष्ट्रीय आपातकाल की न्यायिक समीक्षा की जा सकती हैं।
- राष्ट्रपति की उद्घोषणा के 1 माह में संसद की अनुमति का प्रावधान किया गया। (पहले 2 माह था)
Q.21 निम्नलिखित में से किस मूल अधिकार का दावा केवल नागरिकों द्वारा किया जा सकता है ?
- जीवन एवं स्वातंत्र्य की रक्षा (अनुच्छेद-21)
- निश्चित मामलों में गिरफ्तारी और हिरासत से सुरक्षा (अनुच्छेद-22)
- कानून के समक्ष समानता (अनुच्छेद-14)
- भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद-19)
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद-19)
Solution:
● संविधान के भाग-III को भारत के संविधान का ‘मैग्नाकार्टा’ कहा जाता है।
● पंडित नेहरू ने भाग-III को संविधान की ‘आत्मा’ कहा अतः पंडित नेहरू को मूल अधिकारों का जनक कहा जाता है।
● डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने अनुच्छेद-32 को संविधान की आत्मा कहा।
● मूल अधिकार राज्य के विरुद्ध प्राप्त है इसलिए इनकी प्रकृति निषेधात्मक है।
● मूल अधिकारों को न्यायिक संरक्षण प्राप्त है। अतः यह वाद योग्य है।
● मूल अधिकारों का उल्लंघन होने पर अनुच्छेद-32 के तहत् उच्चतम न्यायालय तथा अनुच्छेद-226 के तहत् उच्च न्यायालय याचिकाएँ जारी कर सकते हैं।
● भारत ने मूल अधिकार संबंधी प्रावधान अमेरिका से ग्रहण किए हैं।
● मूल अधिकारों का उद्देश्य राजनीतिक लोकतंत्र के आदर्शों की स्थापना करना है।
● मूल संविधान में 07 मौलिक अधिकार थे। लेकिन 44वें संविधान संशोधन, 1978 (20-06-1979 में लागू) के तहत अनुच्छेद-31 में उल्लिखित ‘सम्पत्ति का अधिकार’ को मूल अधिकार के रूप में समाप्त कर संविधान के भाग-XII के अंतर्गत अनुच्छेद-300A के तहत विधिक अधिकार बनाया गया।
● अनुच्छेद-15, 16, 19, 29 तथा 30 में उल्लिखित मौलिक अधिकार केवल भारतीयों को प्राप्त हैं जिनका दावा केवल नागरिकों द्वारा किया जा सकता है।
● मूल अधिकारों को निलंबित “राष्ट्रपति” कर सकते हैं, प्रतिबंधित संसद कर सकती हैं तथा रक्षा करने का दायित्व उच्च व उच्चतम न्यायालय का है।
● राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 20 व 21 को निलंबित नहीं किया जा सकता हैं। (44वाँ संविधान संशोधन, 1978)
Q.22 निम्नलिखित में से कौन-सी अविकसित एवं विकासशील अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ हैं ?
- साधनों के पूर्ण एवं कुशलतम उपयोग का अभाव
- पूँजी निर्माण की निम्न दर
- निम्न प्रतिव्यक्ति आय का स्तर
- उपर्युक्त सभी
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: उपर्युक्त सभी
Solution:
● अविकसित एवं विकासशील अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- निम्न प्रतिव्यक्ति आय का स्तर
- पूँजी निर्माण की निम्न दर
- आधारभूत संरचना का निम्न स्तर
- साधनों के पूर्ण एवं कुशलतम उपयोग का अभाव
- कृषि में श्रमशक्ति अनुपात अत्यधिक होना
- परिवार पर आश्रितता अनुपात का अधिक पाया जाना
Q.23 भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय का अनुमान किसने लगाया था ?
- पी.सी. महालनोबिस
- दादा भाई नौरोजी
- डॉ. वी.के. आर. वी. राव
- एम. एस. स्वामीनाथन
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: दादा भाई नौरोजी
Solution:
- भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय का आकलन दादाभाई नौरोजी ने वर्ष 1867-68 के लिए किया था। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘पावर्टी एण्ड अनब्रिटिश रुल्स इन इण्डिया’ में भारत की प्रतिव्यक्ति आय 20 रुपये बताई थी।
- वर्ष 1931-32 में वी.के.आर.वी.राव द्वारा सर्वप्रथम वैज्ञानिक आधार पर राष्ट्रीय आय की गणना की गई।
- अगस्त, 1949 में राष्ट्रीय आय समिति का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष पी.सी.महालनोबिस थे।
- राष्ट्रीय आय समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट वर्ष 1951 में प्रस्तुत की, जिसके अनुसार वर्ष 1948-49 में भारत की राष्ट्रीय आय 8710 करोड़ रुपये तथा प्रति व्यक्ति आय 225 रुपये बताई गई थी।
Q.24 वर्ष 2011-12 में सुरेश तेन्दुलकर विधि के अनुसार भारत में कुल निर्धनता का अनुपात कितना रहा था ?
- 15.7 %
- 29.5 %
- 14.7 %
- 21.9 %
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 21.9 %
Solution:
- योजना आयोग ने प्रत्येक वर्ष के लिए समय-समय पर गरीबी रेखा और गरीबी अनुपात का अनुमान लगाया है, जिसके लिए सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) द्वारा घरेलू उपभोक्ता व्यय पर बड़े नमूना सर्वेक्षण किए गए हैं।
- तेंदुलकर पद्धति गरीबी रेखाओं की गणना और अद्यतन के लिए घरेलू उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षणों में एकत्रित मात्रा और मूल्य डेटा से प्राप्त अंतर्निहित मूल्यों का उपयोग करती है।
- वर्ष 2011-12 में भारत में तेंदुलकर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या 270 मिलियन थी, जबकि वर्ष 2004-05 में यह संख्या 407 मिलियन थी, अर्थात् सात वर्ष की अवधि में इसमें 137 मिलियन लोगों की कमी आई है।
- वर्ष 2011-12 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय गरीबी रेखा का अनुमान 816 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह और शहरी क्षेत्रों में 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह है।
- वर्ष 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्रों में 25.7%, शहरी क्षेत्रों में 13.7% तथा पूरे देश में 21.9% लोग गरीबी रेखा से नीचे थे।
Q.25 मौद्रिक नीति समिति में सदस्यों की संख्या होती है-
- 5
- 6
- 7
- 8
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर: 6
Solution:
● 27 जून, 2016 को आरबीआई अधिनियम, 1934 में संशोधन के माध्यम से मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढाँचे को संस्थागत बनाने वाला वित्त अधिनियम 2016 लागू हुआ।
● 29 सितंबर, 2016 को सरकार ने पहली एमपीसी के गठन को अधिसूचित किया, जिसकी पहली बैठक 3-4 अक्टूबर, 2016 को हुई।
● मौद्रिक नीति समिति में सदस्यों की कुल संख्या 6 होती है।
● मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने 5 से 7 फरवरी, 2025 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में अपनी 53वीं बैठक आयोजित की।
● एमपीसी के सदस्य डॉ. नागेश कुमार, श्री सौगत भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. राजीव रंजन और श्री एम. राजेश्वर राव बैठक में शामिल हुए।
Gk 2025 – यहां क्लिक करें
IAS Notes – यहां क्लिक करें
Mock Test Online – यहां क्लिक करें
सामान्य ज्ञान जीके के टॉप 25 ( 10 ) महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर – पोस्ट में उपलब्ध करवाए गए सामान्य ज्ञान के टॉप 25 प्रश्न एवं उत्तर आपको कैसी लगी हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं ताकि हम आगे भी इसी प्रकार के प्रश्न आपको प्रैक्टिस के लिए उपलब्ध करवाते रहे साथ ही अगर आप नोट्स भी पढ़ना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट UPSC NOTES पर आप फ्री में पढ़ सकते हैं
Leave a Reply