आप भारतीय राजव्यवस्था विषय तो जरूर पड़ रहे होंगे जो कि सिविल सर्विस परीक्षा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है इस विषय से संबंधित आप हमारी इस वेबसाइट से नोट्स भी डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए Indian Polity Test 1 – UPSC Adhbhut Prashnottari 2025 लेकर आए हैं ताकि आप पढ़ने के साथ-साथ प्रैक्टिस भी कर सके और अपनी तैयारी की जांच कर सके
Indian Polity Test 1 – UPSC Adhbhut Prashnottari 2025
प्रश्न 1 : स्वतंत्रता का अर्थ व्यक्तियों पर प्रतिबंधों का अभाव है। इस संदर्भ में स्वतंत्रता के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये
- सकारात्मक स्वतंत्रता का अर्थ है कि कोई भी बाहरी सत्ता स्वतंत्र इच्छा के प्रयोग में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
- नकारात्मक स्वतंत्रता का अर्थ है स्वयं को अभिव्यक्त करने के अवसरों के विस्तार के रूप में स्वतंत्रता।
सही उत्तर चुनें
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1 और न ही 2
Solution:
- कथन 1 गलत है: सकारात्मक स्वतंत्रता का अर्थ अवसरों के विस्तार से है, जैसे आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर।
- कथन 2 गलत है: नकारात्मक स्वतंत्रता का अर्थ है बाहरी हस्तक्षेप से मुक्ति।
✅ सही उत्तर: 4) न तो 1 और न ही 2
प्रश्न 2 : निम्नलिखित में से कौन-सा मिल के “हानि सिद्धांत” का सबसे अच्छा वर्णन करता है ?
विकल्प:
- यह नागरिकता का एक अनिवार्य सिद्धांत है।
- राज्य केवल स्वयं को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों के कार्यों में हस्तक्षेप कर सकता है।
- यह राज्य की शक्ति पर प्रतिबंध लगाता है।
- यह व्यक्तियों के हानिकारक कार्यों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाने का सुझाव नहीं देता है।
Solution:
- हानि सिद्धांत: जॉन स्टुअर्ट मिल का यह सिद्धांत कहता है कि जब तक किसी के कार्य से दूसरों को हानि नहीं हो रही, राज्य को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
- विकल्प 3 सही है: यह सिद्धांत राज्य की शक्ति पर प्रतिबंध लगाता है।
✅ सही उत्तर: 3) यह राज्य की शक्ति पर प्रतिबंध लगाता है।
प्रश्न 3 : निम्नलिखित कथनों पर विचार करें
- न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया में विधायिका शामिल होती है।
- सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पास कार्यकाल की सुरक्षा होती है।
- संविधान में प्रावधान है कि न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते विधायिका की मंजूरी के अधीन नहीं हैं।
इनमें से कितने कथन सही हैं ?
विकल्प:
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीनों
- कोई भी नहीं
Solution:
- कथन 1 गलत
- कथन 2 और 3 सही
✅ सही उत्तर: 2) केवल दो
प्रश्न 4 : निम्नलिखित कथनों पर विचार करें
- भारतीय राज्य धार्मिक अत्याचार का विरोध करने के लिए धर्म के साथ निषेधात्मक संबंध भी बना सकता है।
- धर्मनिरपेक्षता एक सिद्धांत है जो सभी प्रकार के अंतर- धार्मिक वर्चस्व का विरोध करता है।
- भारतीय धर्मनिरपेक्षता सैद्धांतिक दूरी की अवधारणा पर आधारित है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही नहीं हैं?
विकल्प:
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीनों
- कोई भी नहीं
Solution:
- तीनों कथन सही हैं।
- इसलिए कोई भी कथन सही नहीं है।
✅ सही उत्तर: 4) कोई भी नहीं
प्रश्न 5 : निम्नलिखित कथनों पर विचार करें
- 101वां संविधान संशोधन – वस्तु एवं सेवा कर से संबंधित
- 102वां संविधान संशोधन – राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
- 103वां संविधान संशोधन – आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण
- 104वां संविधान संशोधन – लोकसभा एवं विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण की समयावधि बढ़ाने से संबंधित
इनमें से कितने कथन सही हैं ?
विकल्प:
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- उपर्युक्त सभी
Solution:
चारों संशोधन सही ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं।
✅ सही उत्तर: 4) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 6 : भारतीय धर्मनिरपेक्षता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
विकल्प:
- यह राज्य और धर्म के पारस्परिक बहिष्कार की परिकल्पना करता है।
- यह राज्य को धार्मिक मामलों में उचित हस्तक्षेप से रोकता है।
- यह धार्मिक समुदायों को अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और प्रबंधित करने की अनुमति देता है।
- यह धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए विधायिका में सीटों के लिए आरक्षण की अनुमति देता है।
Solution:
- विकल्प 3 सही है: संविधान अनुच्छेद 30 के तहत यह अधिकार देता है।
✅ सही उत्तर: 3) यह धार्मिक समुदायों को अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और प्रबंधित करने की अनुमति देता है।
प्रश्न 7 : निम्नलिखित में से किन प्रावधानों में संशोधन के लिए आधे राज्यों की सहमति आवश्यक होती है:
- राज्यों और केंद्र सरकार के बीच शक्तियों का वितरण
- संसद में राज्य का प्रतिनिधित्व
- मौलिक अधिकार
विकल्प:
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीनों
- कोई भी नहीं
Solution:
- उपरोक्त तीनों प्रावधान ऐसे हैं जिन्हें संशोधित करने के लिए आधे राज्यों की सहमति आवश्यक है।
✅ सही उत्तर: 3) सभी तीनों
प्रश्न 8 : राज्यसभा के संदर्भ में विचार करें:
- राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेशों का अनुमोदन
- संवैधानिक संशोधन विधेयकों का पुनःस्थापन और पारित करना
- राष्ट्रीय आपातकाल को समाप्त करने का संकल्प
- धन विधेयक का पुनःस्थापन और पारित करना
इनमें से कितने मामलों में, राज्यसभा को लोकसभा के समान शक्तियाँ प्राप्त हैं?
विकल्प:
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- सभी चारों
Solution:
- कथन 1 और 2 सही
- कथन 3 और 4 गलत (राष्ट्रीय आपातकाल समाप्त करने और धन विधेयक में लोकसभा को प्रधानता है)
✅ सही उत्तर: 2) केवल दो
प्रश्न 9 : भारत में द्विसदनीय विधायिका की आवश्यकता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- समाज के व्यापक वर्ग को प्रतिनिधित्व देना
- देश के सभी क्षेत्रों या भागों को प्रतिनिधित्व देना
- प्रत्येक निर्णय पर पुनर्विचार को संभव बनाना
- किसी विधेयक को पारित कराना आसान बनाना
सही कथन चुनें:
विकल्प:
- 1, 2 और 3
- 2, 3 और 4
- 2 और 4
- 1 और 3
Solution:
- कथन 1, 2, 3 सही हैं
- कथन 4 गलत है: द्विसदनीयता से विधेयक पारित करना आसान नहीं होता।
✅ सही उत्तर: 1) 1, 2 और 3
प्रश्न 10 : भारतीय राजनीति में निम्न में से कौन से “दलबदल” के अंतर्गत आते हैं ?
- यदि कोई सदस्य दल के नेता द्वारा उपस्थित रहने के लिए कहे जाने पर भी सदन में अनुपस्थित रहता है।
- यदि कोई सदस्य दल के निर्देशों के विरुद्ध मतदान करता है।
- यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से दल की सदस्यता से त्याग पत्र देता है।
विकल्प:
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- 1, 2 और 3
- केवल 3
Solution:
- तीनों ही स्थितियाँ दलबदल विरोधी कानून के तहत आती हैं।
✅ सही उत्तर: 3) 1, 2 और 3
प्रश्न 11 : निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- राज्य सभा धन विधेयक को आरंभ, अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती।
- मंत्रिपरिषद केवल राज्यसभा के प्रति उत्तरदायी है।
- किसी भी विषय को राज्य सूची से हटाने के लिए राज्यसभा की मंजूरी आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने कथन सही हैं?
विकल्प:
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीनों
- कोई भी नहीं
Solution –
- कथन 1 — सही है: धन विधेयक केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है। राज्यसभा न तो इसे आरंभ कर सकती है, न अस्वीकार कर सकती है और न ही इसमें संशोधन कर सकती है, बस सिफारिश कर सकती है।
- कथन 2 — गलत है: मंत्रिपरिषद केवल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, न कि राज्यसभा के प्रति।
- कथन 3 — सही है: राज्यसभा की अनुमति से ही संसद, राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है यदि वह इसे राष्ट्रीय हित से संबंधित घोषित करती है (अनुच्छेद 249)।
सही उत्तर है: विकल्प 2 — केवल दो ✅
प्रश्न 12 : निम्नलिखित राज्यों पर विचार कीजिए
- आंध्र प्रदेश
- बिहार
- कर्नाटक
- राजस्थान
- तेलंगाना
- उत्तर प्रदेश
उपर्युक्त में से कितने राज्यों में द्विसदनीय विधायिका है ?
विकल्प
- केवल तीन
- केवल चार
- केवल पांच
- उपर्युक्त सभी
Solution
भारत में वर्तमान में 6 राज्यों में द्विसदनीय विधायिका (दो सदन – विधानसभा + विधान परिषद) है:
- आंध्र प्रदेश ✅
- बिहार ✅
- कर्नाटक ✅
- राजस्थान ❌ (केवल एक सदनीय — विधानसभा ही है)
- तेलंगाना ✅
- उत्तर प्रदेश ✅
सही उत्तर है: विकल्प 3 — केवल पांच ✅
प्रश्न 13 :स्वतंत्रता की “नकारात्मक अवधारणा” के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- इसका तात्पर्य है प्रतिबंधों का अभाव तथा अपनी पसंद के अनुसार कुछ भी करने का अधिकार।
- यह उस समाज को संदर्भित करती है जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए वांछनीय अधिकारों का लाभ लेने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- यह गरीब, कमजोर और वंचित लोगों के विकास को सुनिश्चित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही नहीं है/हैं?
विकल्प
- केवल 1
- केवल 1 और 3
- केवल 2
- केवल 2 और 3
Solution –
- कथन 1: ✔️ सही है — यह नकारात्मक स्वतंत्रता की विशेषता है: बाहरी प्रतिबंधों का अभाव और मनचाहा करने की आज़ादी।
- कथन 2: ❌ गलत है — यह सकारात्मक स्वतंत्रता का वर्णन है, जो अधिकारों और सुविधाओं की उपलब्धता पर आधारित होती है।
- कथन 3: ❌ गलत है — यह भी सकारात्मक स्वतंत्रता से संबंधित है, जिसमें वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर बल दिया जाता है।
✅ सही उत्तर है: विकल्प 4 — केवल 2 और 3
प्रश्न 14 :समानता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- प्राकृतिक असमानताएँ लोगों की भिन्न क्षमताओं और प्रतिभाओं से उत्पन्न होती हैं।
- समाज-जनित असमानताएँ अवसर की असमानताओं या शोषण से उत्पन्न होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है ?
विकल्प
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1 और न ही 2
Solution –
- कथन 1: ✔️ सही है — प्राकृतिक असमानताएँ व्यक्ति की जन्मजात क्षमताओं और प्रतिभाओं से जुड़ी होती हैं, जिन्हें बदला नहीं जा सकता।
- कथन 2: ✔️ सही है — समाज-जनित असमानताएँ सामाजिक ढांचे के कारण होती हैं, जैसे संसाधनों की असमान उपलब्धता, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि तक पहुँच की असमानता और शोषण।
✅ सही उत्तर है: विकल्प 3 — 1 और 2 दोनों
प्रश्न 15 : लोकसभा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
- लोकसभा के सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व की प्रक्रिया द्वारा किया जाता है।
- प्रत्येक मतदाता के मत का मूल्य राज्यों की जनसंख्या के आधार पर भिन्न होता है।
- लोकसभा को उसके कार्यकाल की समाप्ति से पहले भंग किया जा सकता है।
- उपर्युक्त में से कोई भी नहीं
Solution –
- कथन 1: ❌ गलत — लोकसभा के चुनाव प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा होते हैं, और ‘पहले-पहले-पाए’ (First-Past-The-Post) प्रणाली अपनाई जाती है, न कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली।
- कथन 2: ❌ गलत — भारत में लोकसभा चुनावों में हर मतदाता के वोट का मूल्य समान होता है, यह राज्यों की जनसंख्या पर निर्भर नहीं करता।
- कथन 3: ✔️ सही — लोकसभा को पाँच वर्षों से पहले भंग किया जा सकता है, जैसे कि किसी पार्टी या गठबंधन द्वारा सरकार न बना पाने की स्थिति में।
✅ सही उत्तर है: विकल्प 3 — लोकसभा को उसके कार्यकाल की समाप्ति से पहले भंग किया जा सकता है।
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