आप भारतीय राजव्यवस्था विषय तो जरूर पड़ रहे होंगे जो कि सिविल सर्विस परीक्षा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है इस विषय से संबंधित आप हमारी इस वेबसाइट से नोट्स भी डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए Indian Polity Test 2 – UPSC Adhbhut Prashnottari 2025 लेकर आए हैं ताकि आप पढ़ने के साथ-साथ प्रैक्टिस भी कर सके और अपनी तैयारी की जांच कर सके


Indian Polity Test 2 – UPSC Adhbhut Prashnottari 2025

Q.16 निम्नलिखित पर विचार कीजिए :

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  1. मैग्नाकार्टा (1215)
  2. जिनेवा अभिसमय (1949)
  3. मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (1948)
  4. विश्व व्यापार संगठन समझौता (1995)

उपर्युक्त में से कितने मानव अधिकारों के विकास में मील का पत्थर माने जा सकते हैं ?

विकल्प:

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी चारों

Solution (समाधान)

मानव अधिकारों के विकास में मील के पत्थर माने जाने वाले दस्तावेज :

  • मैग्नाकार्टा (1215): यह न्याय और स्वतंत्रता की अवधारणाओं का प्रारंभिक रूप है — व्यक्तिगत स्वतंत्रता और न्याय तक पहुँच जैसे अधिकारों की बात करता है।
  • मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (1948): यह एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ है जिसमें सभी मानव प्राणियों के अधिकारों को मान्यता दी गई है।
  • जिनेवा अभिसमय (1949): यह युद्ध के समय मानवाधिकारों की रक्षा से जुड़ा है — विशेष रूप से घायल सैनिकों, युद्धबंदियों और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करता है।
  • विश्व व्यापार संगठन समझौता (1995): यह मुख्यतः आर्थिक और व्यापारिक नियमों से संबंधित है, न कि प्रत्यक्ष रूप से मानवाधिकारों से।

अतः, मानव अधिकारों के विकास से संबंधित केवल पहले तीन दस्तावेज़ मील के पत्थर हैं।

सही उत्तर है: 3. केवल तीन


Q.17 सकारात्मक स्वतंत्रता के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. इसका संबंध “कुछ करने की स्वतंत्रता” के बजाय “क्या करने से मुक्त” के विचार की व्याख्या से है।
  2. इसका सरोकार व्यक्ति और समाज के बीच संबंधों को बेहतर बनाने से है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है ?

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

Solution (समाधान):

  • कथन 1 ❌ गलत है:
    यह कथन नकारात्मक स्वतंत्रता की विशेषता को दर्शाता है, जो “क्या करने से मुक्त” होने पर केंद्रित होती है — यानी बाधाओं की अनुपस्थिति।
    जबकि सकारात्मक स्वतंत्रता का अर्थ है “कुछ करने की स्वतंत्रता”, यानी व्यक्ति को अपनी क्षमता का एहसास कराने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ होना।
  • कथन 2 ✅ सही है:
    सकारात्मक स्वतंत्रता का उद्देश्य व्यक्ति और समाज के संबंधों को बेहतर बनाना है ताकि व्यक्ति सामाजिक, राजनीतिक, और भौतिक रूप से अपने व्यक्तित्व का विकास कर सके।

सही उत्तर है : केवल 2


Q.18 राज्यसभा के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. यह भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है, लेकिन केंद्रशासित प्रदेशों का नहीं।
  2. राज्यसभा के सदस्य प्रत्येक तीन वर्ष में कार्यमुक्त हो जाते हैं।
  3. राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्य राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव करते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कितने कथन सही हैं ?

विकल्प:

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीनों
  4. कोई भी नहीं

Solution (समाधान):

  • कथन 1 ❌ गलत है:
    राज्यसभा राज्यों और कुछ केंद्रशासित प्रदेशों (जैसे दिल्ली और पुदुचेरी) का भी प्रतिनिधित्व करती है।
  • कथन 2 ❌ गलत है:
    राज्यसभा एक स्थायी सदन है, इसका कभी विघटन नहीं होता, लेकिन हर दूसरे वर्ष 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं, न कि प्रत्येक तीन वर्ष में सभी।
  • कथन 3 ✅ सही है:
    राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्य करते हैं।

सही उत्तर है : केवल एक


Q.19 भारत के उपराष्ट्रपति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. वह संसद और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है।
  2. उपराष्ट्रपति को हटाने का संकल्प राज्यसभा एवं लोकसभा दोनों में प्रभावी बहुमत से पारित होना चाहिए।
  3. मंत्रिपरिषद की अनुशंसा पर उसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
  4. वह तब राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है जब मृत्यु, त्यागपत्र, महाभियोग द्वारा हटाए जाने या अन्यथा के कारण, शेष अवधि के लिए राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है।

उपर्युक्त कथनों में कितने कथन सही नहीं हैं ?

विकल्प:

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी चारों

Solution (समाधान):

  • कथन 1 ❌ गलत है:
    उपराष्ट्रपति का चुनाव केवल संसद (राज्यसभा + लोकसभा) के सभी सदस्यों द्वारा किया जाता है। राज्य विधानसभाएं इसमें शामिल नहीं होतीं।
  • कथन 2 ❌ गलत है:
    उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए प्रस्ताव केवल राज्यसभा में प्रभावी बहुमत से पारित किया जाता है और लोकसभा की साधारण बहुमत से सहमति आवश्यक होती है।
  • कथन 3 ❌ गलत है:
    उपराष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया में मंत्रिपरिषद या राष्ट्रपति की कोई भूमिका नहीं होती।
  • कथन 4 ❌ गलत है:
    उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति की शेष अवधि नहीं संभालता, बल्कि केवल कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, जब तक नया राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो जाता

सही उत्तर है : सभी चारों


प्रश्न 20: अध्यक्षात्मक कार्यपालिका (अर्ध-अध्यक्षात्मक कार्यपालिका का एक रूप) की प्रणाली के संदर्भ में

कथनों का विश्लेषण

  1. कथन 1: “राष्ट्रपति, देश और सरकार दोनों का प्रमुख होता है।”
    ✔️ सही है।
    अर्ध-अध्यक्षात्मक प्रणाली (Semi-Presidential System) में राष्ट्रपति न केवल राज्य का प्रमुख (Head of State) होता है बल्कि सरकार का प्रमुख (Head of Government) भी हो सकता है, जैसे कि श्रीलंका या फ्रांस में। यद्यपि प्रधानमंत्री की भूमिका भी होती है, फिर भी राष्ट्रपति के पास कार्यपालिका शक्तियाँ होती हैं।
  2. कथन 2: “इस प्रकार की सरकार में राष्ट्रपति का चुनाव संसद के सदस्यों द्वारा किया जाता है।”
    गलत है।
    अर्ध-अध्यक्षात्मक प्रणाली में राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाता है, न कि संसद के सदस्यों द्वारा। यह कार्यकारी राष्ट्रपति प्रणाली का प्रमुख लक्षण है।

सही उत्तर है : केवल 1


Q.20 अध्यक्षात्मक कार्यपालिका (अर्ध-अध्यक्षात्मक कार्यपालिका का एक रूप) की प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. राष्ट्रपति, देश और सरकार दोनों का प्रमुख होता है।
  2. इस प्रकार की सरकार में राष्ट्रपति का चुनाव संसद के सदस्यों द्वारा किया जाता है।

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

Solution:
कथन 1 सही है: अध्यक्षात्मक या अर्ध-अध्यक्षात्मक प्रणाली में राष्ट्रपति, देश और सरकार दोनों का प्रमुख होता है। उदाहरण: श्रीलंका।
कथन 2 गलत है: इस प्रणाली में राष्ट्रपति का चुनाव जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है, न कि संसद द्वारा।

सही उत्तर: 1) केवल 1


Q.21 भारतीय राजनीति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन राजनीतिक कार्यपालिका का हिस्सा हैं ?

  1. राष्ट्रपति
  2. कैबिनेट मंत्री
  3. प्रधानमंत्री
  4. नौकरशाह
  5. उपराष्ट्रपति

विकल्प

  1. केवल 1, 2, 3
  2. केवल 1, 2, 4, 5
  3. केवल 1, 2, 3, 5
  4. उपर्युक्त सभी

Solution:
– राजनीतिक कार्यपालिका में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद (कैबिनेट मंत्री आदि) शामिल होते हैं।
नौकरशाह स्थायी कार्यपालिका के अंग होते हैं, राजनीतिक कार्यपालिका के नहीं।

सही उत्तर: 3) केवल 1, 2, 3, 5


Q.22 नौकरशाही के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?

  1. यह एक ऐसा अंग है जो विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर कानून बनाता है।
  2. यह एक ऐसा संगठन है जो राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाता है।
  3. यह नीति निर्माण और कार्यान्वयन में मंत्रियों की सहायता के लिए जिम्मेदार कार्यकारी अंग है।
  4. उपर्युक्त में से कोई भी कथन सही नहीं है।

Solution
कथन 1 गलत है: कानून बनाना संसद का कार्य है, नौकरशाही का नहीं।
कथन 2 आंशिक रूप से सही हो सकता है, लेकिन तकनीकी रूप से असंदिग्ध नहीं।
कथन 3 सही है: नौकरशाही नीति निर्माण और उसे लागू करने में मंत्रियों की सहायता करती है।

सही उत्तर: 3) यह नीति निर्माण और कार्यान्वयन में मंत्रियों की सहायता के लिए जिम्मेदार कार्यकारी अंग है।


Q.23 जो सबसे आगे, वही जीते (First Past the Post System) प्रणाली के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. विजयी प्रत्याशी के लिये कुल मतों का बहुमत मिलने की ज़रूरत नहीं है।
  2. संविधान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के चुनाव, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव के लिए जो सबसे आगे, वही जीते प्रणाली निर्धारित करता है।

कौन-सा/से कथन सही नहीं है ?

विकल्प

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

Solution:
कथन 1 सही है: FPTP प्रणाली में प्रत्याशी को केवल सबसे अधिक मत मिलने चाहिए, बहुमत आवश्यक नहीं।
कथन 2 गलत है: राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली होती है।

सही उत्तर: 2) केवल 2


Q.24 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री की नियुक्ति करता है।
  2. भारतीय संविधान के 91वें संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार मंत्रिपरिषद की कुल संख्या लोक सभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिए।

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही

Solution:
कथन 1 गलत है: नियुक्ति राष्ट्रपति करता है, यद्यपि प्रधानमंत्री की सिफारिश पर।
कथन 2 सही है: 91वां संशोधन (2003) के अनुसार, मंत्रिपरिषद की अधिकतम सीमा 15% निर्धारित की गई है।

सही उत्तर: 2) केवल 2


Q.25 भारत के राष्ट्रपति के विवेकाधीन शक्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये

  1. राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है।
  2. वह संसद द्वारा पारित विधेयकों को रोक नहीं सकता या मंजूरी देने से इनकार नहीं कर सकता।

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

Solution:
कथन 1 सही है: राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार हेतु लौटा सकता है।
कथन 2 गलत है: राष्ट्रपति को सीमित वीटो शक्ति प्राप्त है, जिससे वह संसद द्वारा पारित विधेयकों को रोक सकता है या दोबारा विचार के लिए भेज सकता है (धन विधेयकों को छोड़कर)।
सही उत्तर: 1) केवल 1


Q.26 शून्यकाल के संदर्भ में सही कथन का चयन कीजिए

  1. यह संसद के दोनों सदनों की प्रत्येक बैठक का पहला घंटा होता है।
  2. संसद के दोनों सदनों के कार्य नियमों में इसका उल्लेख है।
  3. इसमें मामलें बिना किसी पूर्व नोटिस या अनुमति के उठाये जा सकते हैं।
  4. संसदीय कार्य प्रणाली में यह 1962 से भारत की देन है।

विकल्प:

  1. 1, 2, 3
  2. 2, 3, 4
  3. 3, 4
  4. उपर्युक्त सभी

Solution :
कथन 1 गलत है: संसद की बैठक का पहला घंटा प्रश्नकाल होता है, न कि शून्यकाल।
कथन 2 गलत है: शून्यकाल का कोई उल्लेख संसद के नियमों में नहीं है।
कथन 3 सही है: इसमें बिना नोटिस मुद्दे उठाए जा सकते हैं।
कथन 4 सही है: शून्यकाल 1962 से भारत में शुरू हुआ।
सही उत्तर: 3) 3, 4


Q.27 भारतीय राजनीति के संदर्भ में निम्नलिखित कथन पर विचार कीजिये

कथन -I: स्वतंत्रता, समानता और न्याय के सिद्धांत लोकतंत्र की त्रिमूर्ति का हिस्सा हैं।
कथन -II: समानता के बिना, स्वतंत्रता अनेक लोग पर कुछ लोगों का वर्चस्व स्थापित करेगी और स्वतंत्रता के बिना समानता, व्यक्तिगत पहल को ख़त्म कर देगी।

विकल्प

  1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है।
  2. कथन I और कथन II दोनों सही हैं लेकिन कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है।
  3. कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
  4. कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।

Solution :
कथन I गलत है: लोकतंत्र की त्रिमूर्ति स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व है, न कि न्याय।
कथन II सही है: स्वतंत्रता और समानता परस्पर जुड़े हुए हैं; एक के बिना दूसरा अधूरा है।
सही उत्तर: 4) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।


Q.28 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये

  1. सभ्यतामूलक निरंतरता राष्ट्रीय पहचान की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
  2. किसी जनसंख्या का क्षेत्रीय संबंध राष्ट्रीय भावना में योगदान नहीं देता है।
  3. स्वतंत्र राजनीतिक अस्तित्व की परिकल्पना राष्ट्रीय पहचान की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

विकल्प

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई भी नहीं

Solution :
कथन 1 सही है: राष्ट्र प्राचीन सभ्यताओं से जुड़ी निरंतरता को अपनी पहचान मानते हैं।
कथन 2 गलत है: क्षेत्रीय संबंध राष्ट्रीय भावना का अहम हिस्सा है।
कथन 3 सही है: स्वतंत्र राजनीतिक अस्तित्व राष्ट्र की मूल परिकल्पना है।
सही उत्तर: 2) केवल दो


Q.29 स्वतंत्रता के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?

  1. यह किसी व्यक्ति को अपने हितों को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाती है।
  2. यह व्यक्ति की रचनात्मकता, संवेदनाओं और क्षमताओं को पूरी तरह से विकसित करने की अनुमति देती है।
  3. यह किसी भी प्रकार की बाधा या प्रतिबंध का पूर्ण अभाव है।
  4. यह व्यक्ति की तर्क और निर्णय की शक्ति के प्रयोग की अनुमति देती है।

विकल्प

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. उपर्युक्त सभी

Solution :
कथन 1, 2 और 4 सही हैं।
कथन 3 गलत है: स्वतंत्रता का अर्थ सभी प्रतिबंधों का अभाव नहीं है, बल्कि युक्तियुक्त (वाजिब) प्रतिबंधों की उपस्थिति के साथ व्यक्तिगत विकास की अनुमति देना है।
सही उत्तर: 3) केवल तीन


Q.30 भारत में सरकार की संसदीय प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये

  1. राष्ट्रपति, देश का प्रमुख होता है।
  2. प्रधानमंत्री आमतौर पर विधायिका में बहुमत वाले राजनीतिक दल का नेता होता है।

विकल्प:

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

Solution :
कथन 1 सही है: राष्ट्रपति विधिक रूप से भारत का प्रमुख होता है।
कथन 2 सही है: प्रधानमंत्री आमतौर पर उस पार्टी या गठबंधन का नेता होता है, जिसे लोकसभा में बहुमत प्राप्त होता है।
सही उत्तर: 3) 1 और 2 दोनों


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